(26) कदम बढ़ाए जा ना डर कदम बढ़ाए जा।

पंकज खन्ना
9424810575

     
गीतकदम बढ़ाए जा ना डर कदम बढ़ाए जाफिल्म: बड़ा भाई (1957)। गायक: रफी। गायिका: आशा भोंसले। गीतकार: एहसान रिज़वी।  संगीतकार: नाशाद। निर्माता और निर्देशक: के अमरनाथ। पर्दे पर: अजीत (हामिद अली खान), कामिनी कौशल, अनंत कुमार (अनंत मराठे) और बाल कलाकार बेबी शोभा ( सोना मस्तान मिर्जा)। गाने के बोल। फिल्म के सारे गाने


             (अजीत और कामिनी कौशल)

हीरो अजीत फिल्म में अपने परिवार और छोटे भाई की पढ़ाई के लिए साइकिल रिक्शा चलाने का काम करते हैं। इतना हेंडसम रिक्शा चालक आपको सिर्फ इसी फिल्म में देखने को मिलेगा। इसी फिल्म का रिक्शा साइकिल गीत (चोरी चोरी दिल का लगाना) आप पिछले ब्लॉग पोस्ट में पढ़ चुके हैं।

आज के गाने की बात बाद में! पहले हमारे चहेते  विलेन अजीत के बारे में बात की जाएगी जिन्हें 'सारा शहर Laayan ( लायन) के नाम से जानता है।'

असल में अजीत ने फिल्मी जीवन की शुरुआत हीरो के रूप में ही की थी। लेकिन शोहरत उन्हें विलेन के रूप में उनकी स्टाइल और  उनकी डायलॉग डिलीवरी के कारण मिली। उनके ऊपर बहुत सारे चुटकुले, मीम्स और फ़र्ज़ी किस्से बनाए गए जो बहुत लोकप्रिय भी हुए। 

आपने भी उनके  असली और फर्जी डायलॉग जरूर सुने होंगे। उनका Raabert, Monaa Daarling, Smaart Gaay या Lily don't be silly कहना आज तक याद किया जाता है। उनका फिल्म कालीचरण का ये डायलॉग बहुत प्रसिद्ध हुआ था: सारा शहर मुझे लायन  के नाम से जानता है 

और उनका एक फर्जी डायलॉग ये भी था: "राबट, इसे वार्निश में डाल दो... मर भी जाएगा, फिनिश भी अच्छी आ जाएगी।" और फिर उनकी स्टाइल पर मैगी के द्वारा बनाए गए कई विज्ञापन भी थे। 90 के दशक में घरों और होटलों में 'बास पास द सास' बहुत चलता था!

अच्छा, याद आया न आपको वो पुराना जोक कि उन्हें सिर्फ तीन ही चीजें पसंद थीं: मोना, सोना और मोना के साथ सोना!

इसीलिए उनकी टेबल पर सोने का लायन भी बिठा दिया है। माइकल की स्पेलिंग को जानबूझकर गलत लिखा गया है। Raabert और Mona Darling के बिना तो अजीत अधूरे हैं! वैसे तो  ब्लैक एंड व्हाइट की बात ही कुछ और होती है, लेकिन इतनी कलरफुल पर्सनैलिटी को कलर में ही देखना बनता है!👇


इनको देखकर हमारी पीढ़ी के लोग भी बहुत भागे मोना और सोना के पीछे। कुछ  समय पर रुक गए। और कुछ लोग अभी भी भागे जा रहे हैं: कैसे नादान हैं, शोलों को हवा देते हैं...! बालों को रंग के! और कुछ साइकिल रिक्शे की सवारी याद करके और साइकिल चला कर ही खुश हैं:) ब्लॉग लिखे जा रहे हैं! कोई पढ़े या ना पढ़े;)

बहुत कम लोग इस बात को हजम कर पाएंगे कि इस फिल्म में उनके 'लायन' को हीरो और साइकिल रिक्शा चालक दिखाया गया है!

सोचिए, जब हीरो थे तो अजीत को साइकिल रिक्शा चलानी पड़ी। और बाद में विलेन बन गए तो मोना और सोना मिल गए! इसीलिए हम बच्चों को आशीर्वाद में यही कहते हैं: "ज्यादा हीरोगिरी मत दिखा! कुछ 'अच्छा' कर, बेटा!"

अब गाने की बात! आज का ये साइकिल गीत एक प्रेरणात्मक गीत भी है। गीत के प्रारंभ में बेबी शोभा, कामिनी कौशल और अनंत कुमार को इस गाने को गाते दिखाया गया है। और फिर अजीत साइकिल रिक्शा चलाते दिखाई देते हैं। 


गाने में एक साइकिल रिक्शा की रेस भी दिखाई गई है। इस रेस की इनामी राशि थी पूरे पांच सौ रुपए! आज के लगभग एक लाख रुपये के बराबर। इस इनामी राशि को प्राप्त करने के लिए ही अजीत इतनी मेहनत करते दिखाई दे रहे हैं।

गाने के अंत में अजीत के छोटे भाई अनंत मराठे कुछ साथियों के साथ साइकिल चलाते हुए अजीत का उत्साहवर्धन करते हुए दिखाए गए हैं।

आज के गाने के बोल हैं: कदम बढ़ाए जा ना डर कदम बढ़ाए जा। लेकिन सन 1943 में इससे बहुत पहले  
और इससे कहीं ज्यादा ऐतिहासिक और प्रसिद्ध एक कदम ताल वाला देशभक्ति का गीत बना था जिसे जनकवि पंडित बंसीधर शुक्ला ने लिखा था। इसे आजाद हिन्द फौज के कैप्टन रामसिंह ठाकुरी ने संगीतबद्ध किया था: कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा। ये जिंदगी है कौम की, तू कौम पे लुटाए जा। तू शेर-ए-हिंद आगे बढ़, मरने से तू कभी न डर। उड़ा के दुश्मनों का सिर, जोश वतन का बढ़ाए जा।

ये आजाद हिंद फौज ( Indian National Army) का Anthem यानी राष्ट्रगान था जिसे सबसे पहले स्वयं नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने गाया था। आज भी भारतीय सेना में ये गीत गर्व से बजाया जाता है।🙏

बाद में सन 1950 में सुभाष चंद्र बोस के जीवन से प्रेरित फ़िल्म 'समाधि' बनाई गई थी जिसमें  इसी गाने को गीतकार राजिंदर कृष्ण ने कुछ बदलावों के साथ लिखा था। इसके गायक और संगीतकार हैं: सी रामचंद्र। सुनने के लिए यहां क्लिक करें। और इसके बाद भी इसी गीत के बहुत सारे वर्शन आए जो  यू ट्यूब पर आसानी से उपलब्ध हैं।

अंत में फिर साइकिल, साइकिल रिक्शे,  और अजीत पर लौट आते हैं।

दृश्य कुछ ऐसा है: अजीत का अड्डा। दूर किसी नाव में उनका सोना पकड़ा गया है। लिहाजा 'बास' की स्ट्रेटेजी बन रही है!


अजीत: Raabert तुम स्कूटर पर वर्सोवा वाले फ्लैट पर चले जाओ। पीटर तुम 'बड़े भाई' की साइकिल रिक्शा पर जाओ। और माइकल तुम  साइकिल  पर चले जाओ।
मोना : बास हम कैसे जाएंगे!?
अजीत: मोना डार्लिंग! तुम नाचती रहो। हम आराम से जाएंगे!


पंकज खन्ना 
9424810575 


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