(12) हमको हंसते देख जमाना (1956) हम सब चोर हैं।
पंकज खन्ना 9424810575 साइकिल संगीत की अगली/पिछली ब्लॉग पोस्ट्स: (1) साइकल संगीत- परिचय (3/6/2025) (2) सावन के नज़ारे हैं। (खजांची 1941) 15/8 (3) ओ दूधवाली ग्वालनिया (सीधा रास्ता 1947) 23/8 (4) ए मोहब्बत उनसे मिलने ( बाजार 1949) 29/8 (5) मेरे घुंघर वाले बाल ( परदेस 1950) 3/9 (6) एक दिन लाहौर की ठंडी (सगाई 1951) 10/9 (7) ओ साइकिल वाले बाबू ( अजीब लड़की 1950) 17/1 (8) आया रे आया रे आया रे भाजीवाला । तूफ़ान और दिया (1956) 31/1 (9) देखी-देखी पंछी, देखी ये फुलवारी । जलदीप (1956) 7/2 (10) सांवले सलोने दिन आए बहार के । एक ही रास्ता (1956)14/2 (11) बड़े भैया लाए हैं लंदन से छोरी । एक ही रास्ता (1956)18/2 आज का गीत: हमको हँसते देख ज़माना जलता है। गीत: हमको हँसते देख ज़माना जलता है । गाने के बोल: इस लिंक को दबाएं। फिल्म : हम सब चोर हैं (1956)। गायक: रफ़ी और जी एम दुर्रानी। गीतकार : मजरूह सुल्तानपुरी, संगीतक...