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(27) जब दिन हसीन, दिल हो जवान क्यों ना मनाएं पिकनिक!

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पंकज खन्ना 9424810575              साइकिल संगीत - परिचय । (A) साइकिल गीतों की क्रमानुसार सूची । (B) साइकिल गीत चुनने का मानदंड (Criteria)? (C) साइकिल संगीत क्यों? और हिंदी में ही क्यों? (D) साइकिल संगीत पर पुस्तक क्यों नहीं? (E) ब्लॉग में कमेंट्स सेक्शन क्यों बंद है ? (F) साइकिल गीतों का वर्गीकरण । आज का गाना: (22) जब दिन हसीन, दिल हो जवान तो क्यों न मनाएं पिकनिक।       गीत : जब दिन हसीन दिल हो जवां ।  फिल्म : अदालत(1958)।  गायक : रफी,  गायिका : आशा भोंसले।  गीतकार : राजिंदर कृष्ण।   संगीतकार : मदन मोहन।  पर्दे पर : नर्गिस, प्रदीपकुमार और साथी।  गाने के बोल ।  फिल्म के गाने ।  इस गीत में फिल्म इंडस्ट्री की 'मदर इंडिया' यानी नर्गिस 'गॉगल वाला चश्मा' पहनकर और उनकी साइकिल के हैंडल पर फैशनेबल बैग टांग  कर हीरो प्रदीप कुमार और अन्य साथीयों के साथ साइकिल पर पिकनिक पर जाते हुए ये गीत गा रही हैं:  जब दिन हसीं, दिल हो जवाँ क्योँ ना मनाएं पिकनि...

(26) कदम बढ़ाए जा ना डर कदम बढ़ाए जा।

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पंकज खन्ना 9424810575              साइकिल संगीत - परिचय । (A)  साइकिल गीतों की क्रमानुसार सूची । (B)  साइकिल गीत चुनने का मानदंड  (Criteria)? (C)  साइकिल संगीत क्यों? और हिंदी में ही क्यों? (D)  साइकिल संगीत पर पुस्तक क्यों नहीं? (E)  ब्लॉग में कमेंट्स सेक्शन क्यों बंद है ? (F)  साइकिल गीतों का वर्गीकरण । आज का ब्लॉग पोस्ट : (26)  कदम बढ़ाए जा ना डर कदम बढ़ाए जा । गीत :  कदम बढ़ाए जा ना डर कदम बढ़ाए जा । फिल्म : बड़ा भाई (1957)। गायक : रफी। गायिका : आशा भोंसले। गीतकार : एहसान रिज़वी।  संगीतकार : नाशाद। निर्माता और निर्देशक : के अमरनाथ ।  पर्दे पर : अजीत (हामिद अली खान), कामिनी कौशल, अनंत कुमार (अनंत मराठे) और बाल कलाकार बेबी शोभा ( सोना मस्तान मिर्जा)। गाने के बोल ।  फिल्म के सारे गाने ।              (अजीत और कामिनी कौशल) हीरो अजीत फिल्म में अपने परिवार और छोटे भाई की पढ़ाई के लिए साइकिल रिक्शा चलाने का काम करते हैं। इतना हेंडसम रिक्...

(iv) सीटीबाजी (Whistling) वाले साइकिल गीत।

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पंकज खन्ना 9424810575             साइकिल संगीत - परिचय । (A)  साइकिल गीतों की क्रमानुसार सूची । (B)  साइकिल गीत चुनने का मानदंड  (Criteria)? (C)  साइकिल संगीत क्यों? और हिंदी में ही क्यों? (D)  साइकिल संगीत पर पुस्तक क्यों नहीं? (E)  ब्लॉग में कमेंट्स सेक्शन क्यों बंद है ? (F)  साइकिल गीतों का वर्गीकरण । आज का ब्लॉग पोस्ट : (iv) सीटीबाजी (Whistling) वाले साइकिल गीत। अगर आप हमसे ये पूछेंगे कि साइकिल संगीत की हमारी सबसे प्रिय कैटेगरी कौनसी है; तो निःसंदेह हमारा जवाब होगा: सीटीबाजी (Whistling) वाले साइकिल गीत! साइकिल चलाने के साथ सीटी बजाना ही सच्चा आनंद है। अभी तक नहीं किया है तो करके देखिये। चिड़ियाएं जंगल में डाल पर बैठकर आत्ममुग्ध और आनंदित हो कर गाना गाती हैं। उन्हें दर्शक, श्रोतागण या ऑडियंस की जरूरत नहीं होती। वो बस गाती जाती हैं और आनंदित रहती हैं। अन्य प्राणियों को पसंद आए या ना आए, हम तो गाएंगे! साइकिल चलाते हुए सीटी बजाना भी ऐसा ही है। साइकिल चलाइए  और सीटी बजाइए खुद के लिए। आनंद ही आनं...

(A) साइकिल गीतों की क्रमानुसार सूची।

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पंकज खन्ना 9424810575              साइकिल संगीत - परिचय । (A) साइकिल गीतों की क्रमानुसार सूची । (B) साइकिल गीत चुनने का मानदंड (Criteria)? (C) साइकिल संगीत क्यों? और हिंदी में ही क्यों? (D) साइकिल संगीत पर पुस्तक क्यों नहीं? (E) ब्लॉग में कमेंट्स सेक्शन क्यों बंद है ? (F) साइकिल गीतों का वर्गीकरण । आज का ब्लॉग पोस्ट : (A) साइकिल गीतों की क्रमानुसार सूची। साइकिल संगीत में अब तक लिखे गए सभी ब्लॉगपोस्ट्स के लिंक और हर गीत का थोड़ा सा परिचय इस ब्लॉग पोस्ट में सूची के रूप में नीचे दिया गया है। (इस सूची को प्रति सप्ताह नए साइकिल गीतों के साथ एडिट किया जाएगा।) साइकिल संगीत के ब्लॉग की ताज़ा सूची। (1) साइकल संगीत परिचय  :  (2)   गाना :  सावन के नज़ारे हैं ।  फिल्म  :  खजांची (1941) । गायक : गुलाम हैदर।  गायिका : शमशाद बेगम।  गीतकार : वली साहब।  संगीतकार : गुलाम हैदर। पर्दे पर हैं: रमोला, एसडी नारंग और अन्य कलाकार। ( साइकिल गीत का टाइप : सीटी गीत, पिकनिक गी...

(25) चोरी चोरी दिल का लगाना बुरी बात है।

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पंकज खन्ना 9424810575                साइकिल संगीत - परिचय । (A)  साइकिल गीतों की क्रमानुसार सूची । (B)  साइकिल गीत चुनने का मानदंड  (Criteria)? (C)  साइकिल संगीत क्यों? और हिंदी में ही क्यों? (D)  साइकिल संगीत पर पुस्तक क्यों नहीं? (E)  ब्लॉग में कमेंट्स सेक्शन क्यों बंद है ? (F)  साइकिल गीतों का वर्गीकरण आज का ब्लॉगपोस्ट: (25)  चोरी चोरी दिल का लगाना बुरी बात है (अनंत मराठे और अमिता साइकिल रिक्शे पर।) गाना : चोरी चोरी दिल का लगाना बुरी बात है । फिल्म : बड़ा भाई (1957)। गायक : तलत महमूद। गायिका : आशा भोंसले। गीतकार : प्रेम सक्सेना। संगीतकार : नाशाद। पर्दे पर : अमिता और अनंत मराठे (अनंत कुमार)। गाने के बोल । फिल्म के सारे गाने । आज का साइकिल गीत एक बेहद रोमांटिक  सीटी वाला गीत है जिसे साइकिल रिक्शे पर फिल्माया गया है। गाना शुरू ही सीटी के मधुर संगीत से होता है और फिर आशा भोंसले की कानों में मिस्री घोलने वाली Humming सुनाई देती है। विभिन्न कारणों से ये साइकि...

साइकिल रिक्शा और रीजेंट सिनेमा नागपुर।

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पंकज खन्ना 9424810575                साइकिल संगीत - परिचय । (A)  साइकिल गीतों की क्रमानुसार सूची । (B)  साइकिल गीत चुनने का मानदंड  (Criteria)? (C)  साइकिल संगीत क्यों? और हिंदी में ही क्यों? (D)  साइकिल संगीत पर पुस्तक क्यों नहीं? (E)  ब्लॉग में कमेंट्स सेक्शन क्यों बंद है ? (F)  साइकिल गीतों का वर्गीकरण आज का विशेष ब्लॉगपोस्ट: साइकिल रिक्शा और रीजेंट सिनेमा नागपुर। साइकिल संगीत में अब तक 25 साइकिल गीतों पर ब्लॉग पोस्ट्स लिखे जा चुके हैं।  25 वाँ ब्लॉग पोस्ट है: चोरी चोरी दिल का लगाना बुरी बात है ।  ये साइकिल गीत दरअसल साइकिल रिक्शा पर फिल्माया गया है। इस  साइकिल गीत नंबर 25 से बहुत सारी यादें जुड़ी हुई हैं। इस विशेष ब्लॉग पोस्ट में इन सभी यादों को संजोया गया है। इसे भी आप साइकिल संगीत का ही विस्तार या हिस्सा समझें। अगर आपको इन किस्सों में दिलचस्पी नहीं है तो सीधे साइकिल गीत चोरी चोरी दिल का लगाना बुरी बात है पर लिखे ब्लॉग पोस्ट को पढ़ सकते हैं। प्रथम भाग: रीजेंट सिनेमा और बावा बावी। ...

(24) / 2(B): नैनों के तीर चला गई एक शहर की लौंडिया!

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पंकज खन्ना 9424810575               साइकिल संगीत - परिचय । (A)  साइकिल गीतों की क्रमानुसार सूची । (B)  साइकिल गीत चुनने का मानदंड  (Criteria)? (C)  साइकिल संगीत क्यों? और हिंदी में ही क्यों? (D)  साइकिल संगीत पर पुस्तक क्यों नहीं? (E)  ब्लॉग में कमेंट्स सेक्शन क्यों बंद है ? (F)  साइकिल गीतों का वर्गीकरण । आज का साइकिल गीत: (24) नैनों के तीर चला गई एक शहर की लौंडिया ! गीत : नैनों के तीर चला गई । फिल्म : शुक्रिया(1944)। गायक : सुंदर। गीतकार : गुलाम अहमद चिश्ती। संगीतकार : गुलाम अहमद चिश्ती। पर्दे पर : सुंदर और रमोला। गीतकार और संगीतकार गुलाम अहमद चिश्ती ने सन 1944 में फिल्म शुक्रिया में एक विवादास्पद गीत दिया था जिसके बोल थे:  एक शहर की लौंडिया । इस गाने को  फिल्म के हीरो सुंदर सिंघ ने  बेवडे के रूप में हिचकियाँ मार मार के खूब सुंदर गाया: स्टेज पर भी और साइकिल पर भी। सुंदर सिंघ या सिर्फ सुंदर के बारे में हम पिछले ब्लॉग पोस्ट में भी चर्चा कर चुके हैं। इस गीत पर  तब के पंजाब सेंसर...