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Showing posts with the label Cycle Sangeet

(22) या (3A): दुनिया हमारे प्यार की यूं ही जवां रहे।

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पंकज खन्ना 9424810575                साइकिल संगीत - परिचय । (A)  साइकिल गीतों की क्रमानुसार सूची । (B)  साइकिल गीत चुनने का मानदंड  (Criteria)? (C)  साइकिल संगीत क्यों? और हिंदी में ही क्यों? (D)  साइकिल संगीत पर पुस्तक क्यों नहीं? (E)  ब्लॉग में कमेंट्स सेक्शन क्यों बंद है ? (F) साइकिल गीतों का वर्गीकरण । आज का ब्लॉग पोस्ट : (22) , (3A)  दुनिया हमारे प्यार की यूँ ही जवां रहे ।      (फिल्म  लाहौर (1949) पोस्टर) गीत : दुनिया हमारे प्यार की यूँ ही जवां रहे । फिल्म : लाहौर (1949)।  गायक : करण दीवान। गायिका : लता।  गीतकार : राजिंदर कृष्ण। संगीतकार : श्याम सुंदर। पर्दे पर : करन दीवान और नर्गिस। गाने के बोल । फिल्म के सभी गाने । इस गाने की शुरुआत एक प्रभावी आवाज़ में इस डायलॉग से होती है: बहुत घूमी हैं हमने दिल्ली और इंदौर की गलियां। न भूली हैं और न भूलेंगी लाहौर की गलियां।  ये डायलॉग अविभाजित भारत के हिंदू और सिक्खों की मनोदशा को अच्छे से बताता है। न चाहते हुए भी उन्हें अ...

(3) ओ दूधवाली ग्वालनिया ( सीधा रास्ता 1947)

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पंकज खन्ना 9424810575                 पंकज खन्ना 9424810575                 साइकिल संगीत की अगली/पिछली ब्लॉग पोस्ट्स:  (1) साइकल संगीत- परिचय  (3/6/2025) (2)  सावन के नज़ारे हैं।  (खजांची 1941) 15/8 (3)  ओ दूधवाली ग्वालनिया  (सीधा रास्ता 1947) 23/8 (4)  ए मोहब्बत उनसे मिलने  ( बाजार 1949) 29/8 (5)  मेरे घुंघर वाले बाल  ( परदेस 1950) 3/9 (6)  एक दिन लाहौर की ठंडी  (सगाई 1951) 10/9 (7)  ओ साइकिल वाले बाबू  ( अजीब लड़की 1950) 17/1 (8)  आया रे आया रे आया रे भाजीवाला । तूफ़ान और दिया (1956) 31/1 (9) देखी-देखी पंछी, देखी ये फुलवारी । जलदीप (1956) 7/2 (10)  सांवले सलोने दिन आए बहार के । एक ही रास्ता (1956)14/2 (11)  बड़े भैया लाए हैं लंदन से छोरी । एक ही रास्ता (1956)18/2 (12)  हमको हँसते देख ज़माना जलता है ।हम सब चोर हैं। (1956) 21/2 (13)  चले बजाते सीटी, जीवन की राहों में । जमाना(1957) 28/2 (14)  बच के बलम चल कि रास...