(10) सांवले सलोने दिन आए बहार के।

पंकज खन्ना
9424810575

               
साइकिल संगीत की अगली/पिछली ब्लॉग पोस्ट्स: 
(1) साइकल संगीत-परिचय (3/6/2025)
(2) सावन के नज़ारे हैं। (खजांची 1941) 15/8
(3) ओ दूधवाली ग्वालनिया (सीधा रास्ता 1947) 23/8
(5) मेरे घुंघर वाले बाल ( परदेस 1950) 3/9
(7) ओ साइकिल वाले बाबू ( अजीब लड़की 1950) 17/1
(8) आया रे आया रे आया रे भाजीवाला। तूफ़ान और दिया (1956) 31/1

आज का गीत: सांवले सलोने दिन आए बहार के।

गीतसांवले सलोने दिन आए बहार के।फिल्म: एक ही रास्ता(1956)। गायक:हेमंत कुमार। गायिका: लता। गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी। संगीतकार: हेमंत कुमार। पर्दे पर:  जुड़वां साइकिल पर सवार सुनील दत्त, मीना कुमारी और डेज़ी ईरानी।


असली जिंदगी में कभी ऐसा नहीं देखा कि पति, पत्नी और बच्चा एक जुड़वां साइकिल ( Tandem Cycle) पर सवार हों और सैर पर निकलें। बस इसी गाने में देखा है। इच्छा तो बहुत थी हमारी भी ऐसी साइकिल चलाने की पर जवानी में हम भी इस रोग से पीड़ित थे: लोग क्या कहेंगे!?

(कहते हैं कि एक चित्र हज़ार शब्दों के बराबर होता है। तो इस ब्लॉग पोस्ट से हज़ार शब्द कम कर दिये हैं!)

काश, हमने भी कभी ऐसी टेंडम साइकिल खरीदी होती और परिवार को घुमाया होता! अब कर सकते हैं क्या!? पूछ कर बताऊंगा!

(हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) में लगभग ढाई दशक काम करने के दौरान सरकारी साब लोगों से ये बहुत अच्छे से सीखा। कोई भी दुविधा आए तो बोल दो: पूछ कर बताऊंगा! आज भी सबक नहीं भूले हैं!)

HPCL गया तेल लेने! अरे उनका काम ही तेल लेने, लगाने और बेचने का है। अपन अपनी औकात पर और आज के गाने पर लौट आते हैं। अब ये 'सांवले सलोने' क्या होता है!? पूछकर बताऊंगा!? नहीं रे! ये मुझे मालूम है!! कृष्णा कृष्णा, हरे हरे!!🙏

लेकिन 'सांवले सलोने दिन आए बहार के' समझने के लिए पहले सलोने  शब्द की उत्पत्ति देख लेते हैं।

मतलब सहित। हिंदी में लोना मतलब नमक और संस्कृत में लवण। इसी लवण से बना है लावण्य। सुंदरता को लवण से जोड़ा गया है इसीलिए लावण्य का मतलब सुंदरता होता है। सलोना का अर्थ हुआ सुंदर। और सलोनी मतलब लावण्यमयी या सुंदरी।

अतः सलोने व्यक्ति को 'नमकीन' की संज्ञा दी जा सकती है। (वो गाना तो आपने सुना ही है आर डी बर्मन की आवाज़ में: समुंदर में नहा के तुम और भी नमकीन हो गई हो। अब ये गाना जबरदस्ती ब्लॉग में घुसेड़ा है। बचपन का पारसी मोहल्ले का  एक दोस्त सिर्फ हेलन, बिंदु, पद्मा खन्ना, और जीनत अमान आदि  के ही गीत देखना चाहता है। उसे ही कह रहे हैं: "ले देख ले! मरे जा रहा है ऐसे-वैसे गाने देखने के लिए!" )

सालन खाने वालों के लिए अतिरिक्त जानकारी: स-लवण शब्द सलूणा, सलोना में परिवर्तन होते हुए अन्ततः सालन  बन गया। भाषा का खेल विचित्र होता है! हो सकता है अंग्रेजी शब्द Salt भी ऐसे ही सालन से बना हो;)

सांवले सलोने श्याम का रूप निराला!  श्याम का रूप भले ही सांवला हो, पर उनके प्रेम का प्रकाश पूरे ब्रह्मांड को रोशन कर देता है। सांवले सलोने दिन आए बहार के  गाने का आशय भी शायद यही है। या हो सकता है कि यहाँ सांवले सलोने का मतलब अच्छे-बुरे या खट्टे-मीठे से हो।या शायद दोनों अच्छे दिनों के आने से श्रीकृष्ण भगवान को धन्यवाद देते हुए गा रहे हैं।🙏

मतलब कुछ भी रहा हो, ये विशेषण 'सांवले सलोने' जरूर विलक्षण है। हमारे लिए सभी ब्लैक एंड व्हाइट गीत सांवले सलोने हैं!🙏

अब मजरूह के लिखे इस गाने के बोल भी विस्तार से पढ़ कर आनंद लीजिए:

साँवले सलोने आये दिन बहार के।    झूमते नज़ारे झूमे रंग डार के।

नदी किनारे, कोयल पुकारे।                आया ज़माना गाओ गीत प्यार के ...।

झूम के पवन देखो चली चली।          प्यार के नशे में खिली कली कली।

फूलों के दर से ये भँवरा पुकारे            आये दीवाने तेरे इंतज़ार के ...।

डोलती घटा के संग डोले जिया।          बाग में पपीहा बोले पिया पिया।

ऋत रंगीली कहे करके इशारे।            छेड़ो फ़साने दिल-ए-बेक़रार के ...।

साँवले सलोने आये दिन बहार के।    झूमते नज़ारे झूमे रंग डार के।

सुनील दत्त , मीनाकुमारी और डेज़ी ईरानी की ये जुड़वां साइकिल वाली शाही सवारी सच में बहुत खूबसूरत है। सुनील दत्त और मीनकुमारी उमंग और उत्साह से इस डबल पेडल, डबल सीट की साइकिल को झूमते-गाते चला रहे हैं और डेज़ी ईरानी भी खुशी-खुशी माउथ ऑर्गन बजा रही हैं, आगे टोकरी में बैठकर। पूरा परिवार इस साइकिल यात्रा से आल्हादित है।

मीना कुमारी इस गाने में काफी हंसती हुई, मस्ती भरे रोल में दिखाई गई हैं। ट्रेजेडी क्वीन वो बाद में कहलाई थीं।

फिल्म में सुनील दत्त का मर्डर हो जाता है। और ये मर्डर तभी होता है जब वो किसी अन्य अवसर पर अकेले साधारण साइकिल से घर लौट रहे होते हैं। ( इस ट्रैजिक साइकिल गीत के बारे में अगली पोस्ट में चर्चा की जाएगी।)

फिल्म में इस मर्डर के बाद अशोक कुमार मीना कुमारी की जिंदगी में आते हैं और अंत में  दोनों की शादी हो जाती है। इसी गीत साँवले सलोने  को अंत में  फिर दिखाया गया है; लेकिन इस बार  कार में।


 अशोक कुमार शायद Baby Austin  कार चला रहे हैं, मीना कुमारी साथ में बैठी हुई हैं और डेज़ी ईरानी पीछे सीट पर खड़ी हुई हैं।  



इस गीत के कार वाले वर्शन को देखने  के लिए इस लिंक को क्लिक करें: सांवले सलोने दिन आए बहार के (II)

अगले ब्लॉग पोस्ट में हम देखेंगे इसी फिल्म का दूसरा साइकिल गीत जिसमें शुरुआत में बहुत हंसी खुशी है लेकिन अंत में मातम है। 

भगवान से प्रार्थना है कि आपकी साइकिल यात्रा सुरक्षित, आनंदित हो और आप के सांवले सलोने बहार के  दिन हमेशा बने रहें।

और बड़े भिया पारसी मोहल्ले वाले, आप भी सांवले सलोने यानि ब्लैक एंड व्हाइट गानों में रंग ढूंढने की कोशिश करें! आपका जीवन भी सांवला सलोना हो सकता है, बगैर हेलन के भी! कोशिश तो करिए!


पंकज खन्ना 

9424810575

-🚴‍♂️-🚴‍♀️-🚴-🚴‍♂️-🚴‍♀️-🚴-🚴‍♂️-🚴‍♀️-🚴-

मेरे कुछ अन्य ब्लॉग:

हिन्दी में:

तवा संगीत : ग्रामोफोन का संगीत और कुछ किस्सागोई।
रेल संगीत: रेल और रेल पर बने हिंदी गानों के बारे में।
साइकल संगीत: साइकल पर आधारित हिंदी गाने।
कुछ भी: विभिन्न विषयों पर लेख।
तवा भाजी: वन्य भाजियों को बनाने की विधियां!
मालवा का ठिलवा बैंड: पिंचिस का आर्केस्टा!
ईक्षक इंदौरी: इंदौर के पर्यटक स्थल। (लेखन जारी है।)

अंग्रेजी में:

Love Thy Numbers : गणित में रुचि रखने वालों के लिए।
Love Thy Squares: Magic Squares के बारे में।
Epeolatry: अंग्रेजी भाषा में रुचि रखने वालों के लिए।
CAT-a-LOG: CAT-IIM कोचिंग।छात्र और पालक सभी पढ़ें।
Corruption in Oil Companies: HPCL के बारे में जहां 1984 से 2007 तक काम किया।

-🚴‍♂️-🚴‍♀️-🚴-🚴‍♂️-🚴‍♀️-🚴-🚴‍♂️-🚴‍♀️-🚴-🚴‍♂️-🚴‍♀️-🚴-



Popular posts from this blog

(1) साइकिल संगीत: परिचय

(3) ओ दूधवाली ग्वालनिया ( सीधा रास्ता 1947)

(9) देखी पंछी ये फुलवारी।