(10) सांवले सलोने दिन आए बहार के।
सांवले सलोने श्याम का रूप निराला! श्याम का रूप भले ही सांवला हो, पर उनके प्रेम का प्रकाश पूरे ब्रह्मांड को रोशन कर देता है। सांवले सलोने दिन आए बहार के गाने का आशय भी शायद यही है। या हो सकता है कि यहाँ सांवले सलोने का मतलब अच्छे-बुरे या खट्टे-मीठे से हो।या शायद दोनों अच्छे दिनों के आने से श्रीकृष्ण भगवान को धन्यवाद देते हुए गा रहे हैं।🙏
मतलब कुछ भी रहा हो, ये विशेषण 'सांवले सलोने' जरूर विलक्षण है। हमारे लिए सभी ब्लैक एंड व्हाइट गीत सांवले सलोने हैं!🙏
अब मजरूह के लिखे इस गाने के बोल भी विस्तार से पढ़ कर आनंद लीजिए:
साँवले सलोने आये दिन बहार के। झूमते नज़ारे झूमे रंग डार के।
नदी किनारे, कोयल पुकारे। आया ज़माना गाओ गीत प्यार के ...।
झूम के पवन देखो चली चली। प्यार के नशे में खिली कली कली।
फूलों के दर से ये भँवरा पुकारे आये दीवाने तेरे इंतज़ार के ...।
डोलती घटा के संग डोले जिया। बाग में पपीहा बोले पिया पिया।
ऋत रंगीली कहे करके इशारे। छेड़ो फ़साने दिल-ए-बेक़रार के ...।
साँवले सलोने आये दिन बहार के। झूमते नज़ारे झूमे रंग डार के।
सुनील दत्त , मीनाकुमारी और डेज़ी ईरानी की ये जुड़वां साइकिल वाली शाही सवारी सच में बहुत खूबसूरत है। सुनील दत्त और मीनकुमारी उमंग और उत्साह से इस डबल पेडल, डबल सीट की साइकिल को झूमते-गाते चला रहे हैं और डेज़ी ईरानी भी खुशी-खुशी माउथ ऑर्गन बजा रही हैं, आगे टोकरी में बैठकर। पूरा परिवार इस साइकिल यात्रा से आल्हादित है।
मीना कुमारी इस गाने में काफी हंसती हुई, मस्ती भरे रोल में दिखाई गई हैं। ट्रेजेडी क्वीन वो बाद में कहलाई थीं।
फिल्म में सुनील दत्त का मर्डर हो जाता है। और ये मर्डर तभी होता है जब वो किसी अन्य अवसर पर अकेले साधारण साइकिल से घर लौट रहे होते हैं। ( इस ट्रैजिक साइकिल गीत के बारे में अगली पोस्ट में चर्चा की जाएगी।)
फिल्म में इस मर्डर के बाद अशोक कुमार मीना कुमारी की जिंदगी में आते हैं और अंत में दोनों की शादी हो जाती है। इसी गीत साँवले सलोने को अंत में फिर दिखाया गया है; लेकिन इस बार कार में।
अशोक कुमार शायद Baby Austin कार चला रहे हैं, मीना कुमारी साथ में बैठी हुई हैं और डेज़ी ईरानी पीछे सीट पर खड़ी हुई हैं।
इस गीत के कार वाले वर्शन को देखने के लिए इस लिंक को क्लिक करें: सांवले सलोने दिन आए बहार के (II)
अगले ब्लॉग पोस्ट में हम देखेंगे इसी फिल्म का दूसरा साइकिल गीत जिसमें शुरुआत में बहुत हंसी खुशी है लेकिन अंत में मातम है।
भगवान से प्रार्थना है कि आपकी साइकिल यात्रा सुरक्षित, आनंदित हो और आप के सांवले सलोने बहार के दिन हमेशा बने रहें।
और बड़े भिया पारसी मोहल्ले वाले, आप भी सांवले सलोने यानि ब्लैक एंड व्हाइट गानों में रंग ढूंढने की कोशिश करें! आपका जीवन भी सांवला सलोना हो सकता है, बगैर हेलन के भी! कोशिश तो करिए!
पंकज खन्ना
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