(8) आया रे आया रे भाजीवाला आया।
पंकज खन्ना
9424810575
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(3) ओ दूधवाली ग्वालनिया (सीधा रास्ता 1947) 23/8
(4) ए मोहब्बत उनसे मिलने ( बाजार 1949) 29/8
(5) मेरे घुंघर वाले बाल ( परदेस 1950) 3/9
(6) एक दिन लाहौर की ठंडी (सगाई 1951) 10/9
(7) ओ साइकिल वाले बाबू ( अजीब लड़की 1950) 17/1
आज का साइकिल गीत: आया रे आया रे आया रे भाजीवाला।
गीत: आया रे आया रे आया रे भाजीवाला (तूफ़ान और दिया) (1956) गायिका: गीता दत्त। गीतकार:भरत व्यास। संगीतकार: वसंत देसाई। पर्दे पर : बाल कलाकार सतीश व्यास। (राजकमल प्रोडक्शंस की फिल्म।)
अभी तक के सातों साइकिल गीतों में हमने साइक्लिंग की मस्ती, प्राकृतिक सौंदर्य और हीरो-हीरोइन का रोमांस देखा है। लेकिन आज का साइकिल गीत काफी अलग है।
इस साइकिल गीत में साइक्लिंग की मस्ती के साथ बालश्रम ( Child Labour) का बोझ भी है। फ़िल्म में, एक बच्चा ( सतीश व्यास) छोटे-मोटे काम करके स्वयं का और अपनी बहन (नंदा) का पेट पालता है। साइकिल ठेले पर सब्ज़ियाँ बेचना भी उसी का हिस्सा है।
वह अपना सामान साइकिल वाले ठेले में ले जाता है और फेरीवाले के रूप में यह गाना गाकर सब्ज़ियाँ बेचता है। शायद ये एक मात्र साइकिल गीत है जिसमें एक बच्चे को पुराने जमाने के साइकिल ठेले पर सब्जी बेचते दिखाया गया है। अब न तो ऐसे साइकिल वाले ठेले बनते हैं और न ही ऐसे गीत।
चाहते तो हैं कि सभी बच्चे और बड़े-बूढ़े प्रतिदिन साइकिल चलाएं पर किसी बच्चे को ऐसी साइकिल कभी न चलानी पड़े। प्रभु, आप अच्छे से जानते हैं कि हम मनुष्य जीवन का बड़े होकर अच्छे से 'भाजीपाला' कर ही देते हैं! बस प्रभु, किसी बच्चे के जीवन का ऐसे 'भाजीपाला' कभी न हो।🙏🙏
गाने का संगीत, गायन और बोल बहुत अच्छे हैं। लेकिन इस गीत के बाल श्रम को देखकर टीस भी उठती है। यह गीत गीता दत्त के उन कम-चर्चित लेकिन बेहद असरदार गीतों में से है, जहाँ वे नायिका की नहीं, जीवन की आवाज़ बनकर सामने आती हैं।
इस गाने के कुछ स्क्रीन शॉट्स भी लगे हाथ देख लीजिए :
पहले स्क्रीन शॉट में राजकमल प्रोडक्शंस की प्रसिद्ध फिल्म डॉ कोटनीस की अमर कहानी (1946) का पोस्टर भी देखा जा सकता है।
ये गीत “आया रे आया रे आया रे भाजीवाला” अपने हल्के-फुल्के मस्ती भरे शब्दों और सुरों में जीवन की गहरी करुणा समेटे है। इसमें बालक फेरीवाले की पुकार केवल बेचने की घोषणा नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के संघर्ष की मुस्कुराती स्वीकृति भी है। भाजीवाले बच्चे की चंचलता, गलियों की हलचल और भूख की कड़वी सच्चाई साथ-साथ चलती है इस गीत में। मनोरंजन की लय के भीतर छुपा दर्द मन को छूता है, हँसाता है और फिल्म के परिप्रेक्ष्य में आँखें भी नम कर देता है। यही इसकी असली खूबसूरती है।
गीत के बोल:
आया रे आया रे आया रे भाजीवाला।
ना हम कोई साहब हैं
ना मानुस हैं सरकारी।
अरे हम तो बेच रहे हैं बाबू
हरी भरी तरकारी।
आया रे आया रे आया रे भाजीवाला
फल की बहार है। केले अनार हैं।
अंबुवा के नींबूवा के हम हैं व्यापारी।
फल की बहार है केले अनार हैं।
अंबुवा के नींबूवा के हम हैं व्यापारी।
फल की बहार है।
बंदा है सेठ का, पर धंधा है पेट का।
बंदा है सेठ का पर धंधा है पेट का।
आज करे नगदी और कल है उधारी।
अंबुवा के नींबू के हम हैं व्यापारी
फल की बहार है।
अजी चख ले जो मेरे फल की बहार।
चख ले जो मेरे फल की बहार।
दिखने लगेगी वो रंभा सी नार।
दिखने लगेगी वो रंभा सी नार।
ककड़ी सी छाल हो, मकड़ी से बाल हो।
नारंगी सी खाल हो टमाटर से गाल हो ।
नाक जैसे मूली की नोक से संवारी।
अंबुवा के नींबू के हम हैं व्यापारी
फल की बहार है।
पल्ली में दाम है तो गली में आम हैं।
पल्ली में दाम है तो गली में आम हैं।
आम के हैं आम और गुठली के दाम हैं।
आम के हैं आम और गुठली के दाम हैं।
पैसे की बाबू ना करना जी खटपट
खटपट, खटपट, खटपट, खटपट, खटपट।
लेना है जी माल तो दे डालो जी झटपट
झटपट, झटपट, झटपट, झटपट।
उठ लो उठ लो लुटा दी हमने फुलवारी।
अंबुवा के नींबूवा के हम हैं व्यापारी।
फल की बहार है, केले अनार हैं।
अंबुवा के नींबूवा के हम हैं व्यापारी।
फल की बहार है।
आया रे आया रे आया रे भाजीवाला।
भरत व्यास के गीतों में उच्च हिंदी का प्रयोग होता है और ये गीत भी अपवाद नहीं है। और वसंत देसाई का संगीत भी हमेशा के समान बहुत ही मधुर है।
हमारे समान फुरसतियों और भरत व्यास/ वसंत देसाई के प्रशंसकों के लिए इसी फिल्म के अन्य प्रमुख गीतों के लिंक नीचे दिए हैं:
लता के भजन:
मुरालिया बाजे री जमुना के तीर।
पिया ते कहाँ गयो। (जी, ये भजन ही है।)
गीता दत्त का भजन: मेरी आन भगवान।
मन्ना डे का दार्शनिक और प्रेरणादायक गीत: निर्बल से लड़ाई बलवान की।
शमशाद बेगम के मस्ती भरे नृत्य गीत:
भाई-बहन का गीत: मेरी छोटी सी बहन। गीता, लता।
भाजीवाले का आज का गीत सुनकर अब बस तवा भाजी की याद आ रही है। कुछ अच्छा बनाकर खाने की इच्छा हो रही है। अगली पोस्ट तवा भाजी पर ही होगी! जिंदगी का जब ज्यादा ही भाजीपाला हो जाए तो तवा भाजी पर आ जाना ही श्रेयस्कर है!
और फिर धीरे से लौट आएंगे साइकिल से साइकिल संगीत पर!
पंकज खन्ना
9424810575
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Love Thy Squares: Magic Squares के बारे में।
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