(5) मेरे घुंघर वाले बाल!

पंकज खन्ना
9424810575

               
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(5) मेरे घुंघर वाले बाल ( परदेस 1950) 3/9


बहुत नाटक करने पड़ते हैं आप लोगों को यहां तक खींच कर लाने के लिए! ऊपर वाला काल्पनिक फोटो  सन 2025 के चलन के अनुसार सिर्फ मार्केटिंग के लिए है! कुक्कू ( Cuckoo) का असली फोटो नीचे दिया है, चालीस और पचास के दशक के अनुसार!

कुक्कू के बारे में बहुत बातें होंगी। थोड़ा धीरज तो रखो दोस्त! पहले तो गाना ही होगा ना! तो आज का साइकिल गीत है: मेरे घुंघर वाले बाल!

गाना: मेरे घुंघर वाले बाल! फिल्म: परदेस (1950)
गायिका: लता। गीतकार: शकील बदायूंनी। संगीतकार: गुलाम मोहम्मद। पर्दे पर: कुक्कू, रहमान, करण दीवान और अन्य साथी।


गाने के बोल:

परदेस पिया परदेस, परदेस पिया परदेस
मेरे घूंघर वाले बाल हो राजा, घूंघर वाले बाल।
हो दिल में उमंगें आँख में जादू सर पे सुनहरा जाल।
हो राजा सर पे सुनहरा जाल हो राजा मोरे राजा राजा
मेरे घूंघर वाले बाल हो राजा 
घूंघर वाले बाल।
हो दिल में उमंगें आँख में जादू
सर पे सुनहरा जाल हो राजा सर पे सुनहरा जाल।
हो राजा मोरे राजा 
परदेस पिया परदेस, परदेस पिया परदेस

हो दिलवाले हो दिलवाले दिलवाले इस जाल में फँस के
कभी निकल ना पाये कभी निकल ना पाये
दिलवाले इस जाल में फँस के कभी निकल ना पाये
कभी निकल ना पाये।
ठंडी आहें भरे बिचारे फडक फड़क रह जाए।
ठंडी आहें भरे बिचारे फडक फड़क रह जाए।
कहे मुंह से ना दिल का हाल 
हो राजा मुंह से ना दिल का हाल
हो दिल में उमंगें आँख में जादू
सर पे सुनहरा जाल हो राजा सर पे सुनहरा जाल
हो राजा मोरे राजा 
परदेस पिया परदेस, परदेस पिया परदेस

हो देख मेरे हो देख मेरे देख मेरे मतवाले नयना
दुनिया पुकारे है दुनिया पुकारे है देख मेरे मतवाले नयना।
दुनिया पुकारे है दुनिया पुकारे  है 
चलो मै जिस दम पतली कमरिया लचकलचक बलखाये।
चलो मै जिस दम पतली कमरिया लचकलचक बलखाये।
मेरी ठुम्मक ठुम्मक चाल हो राजा ठुम्मक ठुम्मक चाल
हो दिल में उमंगें आँख में जादू सर पे सुनहरा जाल
हो राजा सर पे सुनहरा जाल हो राजा मोरे राजा
परदेस पिया परदेस, परदेस पिया परदेस

गाने की शुरुआत में दो दोस्त रहमान और करण दीवान को उस दौर की बड़े हेड लैंप वाली साइकिल चलाते हुए दिखाया गया है। पहले कच्ची गांव वाली सड़क से फिर डामर वाली सड़क पर।  सीटी बजा रहे हैं और बड़े खुश दिखाई दे रहे हैं।  दूर किसी गांव से  बंजारों के संगीत की आवाज आती है। और दोनों बड़ी तेजी से गांव की कच्ची सड़क पर मुड़ जाते हैं।


यहां बंजारे तम्बू गाड़े हुए हैं और ढोल नगाड़ों के साथ संगीत की मंडली जमीन पर ही सजी हुई है। साजिंदे ढोलक, हारमोनियम और अन्य तार वाले संगीत के उपकरण  बजा रहे हैं। दोनों हीरो हाथ से साइकिल ठेलते हुए पहुंचते हैं। साइकिल रखी और पहुंच गए बंजारों के  बीच में। 

तब तक ये बंजारा या जिप्सी (Gypsy) गीत शुरु हो चुका है। कुक्कू का नयनाभिराम नृत्य भी। क्या गदर काटा है कुक्कू और शमशाद बेगम की जोड़ी ने इस गीत में! बहुत देशी शब्द हैं गीत के। और इन्हें लिखा है शकील बदायूंनी ने! संगीत गुलाम मोहम्मद का है।


इन दोनों को देखकर कुक्कू उन्हें रिझाना शुरू कर देती हैं। आप तो बस देखिए इनकी मतवाली आंखें, घुंघर वाले बाल, कमरिया के लचके, ठुम्मक-ठुम्मक चाल और दोनों हीरो के बीच से  निकलकर उनका मनमोहक अदाएं बिखेरना।


हेलन के आने के पहले फिल्मी दुनिया में 1940–50 के दशक में  कुक्कू ही छाई हुई थीं। उन्होंने  लगभग 70 से ज्यादा फिल्मों में डांस किया। ऐसा कह सकते हैं कि वो हिंदी सिनेमा की पहली कैबरे डांसर और पहली आइटम गर्ल थीं। सबसे अच्छी बात ये हे कि कुक्कू के किसी भी गाने में अश्लीलता या Vulgarity नहीं दिखेगी बल्कि वो हमेशा आकर्षक, चुलबुली, लेकिन शालीनता में और वस्त्रों में लिपटी हुई दिखाई देती हैं।

उन्हें अक्सर “The Rubber Girl of Hindi Cinema” कहा जाता था। रबर गर्ल की संज्ञा उनके जोश, लचीलेपन और  हाथ, पैर,गर्दन, कमर के सुरम्य मूव्स के लिए दी जाती थी। कानून जितने तो नहीं, फिर भी इनके हाथ भी काफी लंबे थे। और उनकी लचीलेपन के कारण और लंबे दिखाई देते थे!

वे महबूब खान और राज कपूर जैसे निर्देशकों की पसंदीदा डांसर थीं।

नेट पर लोग कहते हैं कि हेलेन को फिल्मों में पहला बड़ा मौका कुक्कू ने ही दिलवाया। और ये कि हेलेन भी मानती थीं कि “कुक्कू दीदी” उनके लिए गॉडमदर जैसी थीं। यह भी लिखा मिला है कि अपनी चमकदार जिंदगी के बावजूद कुक्कू का अंत बहुत दुखद रहा। आखिरी दिनों में वे आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रही थीं। 1969 में महज़ 41 साल की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई।

उनके कुछ डांस तो  बैंक के लाकर में जमा करके रखे जाने लायक हैं। ऐसे कुछ नृत्य गीतों के लिंक्स नीचे दिए हैं:

1. अनोखी अदा (1948) – स्टेज डांस

इस फिल्म से उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की और इसके शानदार डांस ने उन्हें तुरन्त स्टार बना दिया ।

2. अंदाज (1949) – तू कहे अगर

इस रोमांटिक ड्रामा फिल्म में  कुक्कू ने तीन गानों में डांस कर अपनी अदाकारी की  भरपूर प्रतिभा दिखाई और लोगों ने बहुत पसंद भी किया।


यह कैबरे–शैली का गाना था जिसमें कुक्कू के लचीले डांस मूव्स ने दर्शकों को बेहद प्रभावित किया । शायद इस  गीत के शब्द कुक्कू को भी आंशिक रूप से परिभाषित करते हैं।

6. सिंगार (1949)। अरी ओ मोहे छेड़ गया! राजकुमारी का गाना और कुक्कू का नृत्य। देखने और सुनने लायक।

7. आवारा (1951)। एक दो तीन :क्लब डांस

इस फिल्म में एक बार-डांसर की भूमिका में डांस कर के  एक नई शैली की शुरुआत की।

8. आन (1952) –कुक्कू का  पहला रंगीन डांस 
 
 ऊपर लिखे गीतों के अलावा भी उनके कई नृत्य गीत बहुत चले और प्रसिद्ध हुए और आज भी आप इन्हें देख सकते हैं:
नीले आसमानी-मिस्टर एंड मिसेज 55। गोरे गोरे मुखड़े पे- पतंगा। चौपाटी पर कल जो तुझसे - अफ़साना। ऐ दिलबर आजा आजा - सम्राट चन्द्र गुप्त। पास नहीं आईये - साक़ी। दिल में तू मेरे - काली घटा। ओ पी पी पिया - नौजवान। होली है होली सखी - खोटा पैसा। शोख शोख आँखें - फागुन। दिल पहला और प्यार दूसरा - साकी। ओ बाबू कैसे दिल - सगाई। मोहब्बत का दोनो के दिल पे - अफ़साना। आज मेरा दिल किसी पे आ गया - विद्या।

कुक्कू और हेलेन के साथ-साथ में नृत्य किए कुछ गाने,:

हाय बालम कितना जालिम है। फिल्म: हीरामोती (1958)। मेरी जान मेरी जान। यहूदी (1958)।
हम तुम्हारे हैं। चलती का नाम गाड़ी (1958)।

काश हमारे जीते जी टाइम मशीन आ जाए तो हम भी साइकिल संगीत की T शर्ट पहनकर अपनी साइकिल लेकर कुक्कू जी से सन 1950 के आस-पास  मिलना  जरूर चाहेंगे!

और उनसे ये निवेदन भी करेंगे: "वैसे तो आप हमारी माताजी की उमर की हैं। लेकिन हम फिर भी आपके साथ गाना और नाचना  चाहेंगे!"

ये सुनकर और हमारे हालत को देखकर शायद वो नृत्य तो नहीं तांडव नृत्य जरूर कर देतीं! और हम पैदा होने के 12 साल पहले ही टपक जाते!

सरकारी दुकान से खरीदी 'भांग' खा-खा कर ब्लॉग लिखना अपराध की श्रेणी में नहीं आता है!


पंकज खन्ना
9424810575

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