(14) बच के बलम चल कि (1957) जानी वॉकर
पंकज खन्ना 9424810575 साइकिल संगीत की अगली/पिछली ब्लॉग पोस्ट्स: (1) साइकल संगीत- परिचय (3/6/2025) (2) सावन के नज़ारे हैं। (खजांची 1941) 15/8 (3) ओ दूधवाली ग्वालनिया (सीधा रास्ता 1947) 23/8 (4) ए मोहब्बत उनसे मिलने ( बाजार 1949) 29/8 (5) मेरे घुंघर वाले बाल ( परदेस 1950) 3/9 (6) एक दिन लाहौर की ठंडी (सगाई 1951) 10/9 (7) ओ साइकिल वाले बाबू ( अजीब लड़की 1950) 17/1 (8) आया रे आया रे आया रे भाजीवाला । तूफ़ान और दिया (1956) 31/1 (9) देखी-देखी पंछी, देखी ये फुलवारी । जलदीप (1956) 7/2 (10) सांवले सलोने दिन आए बहार के । एक ही रास्ता (1956)14/2 (11) बड़े भैया लाए हैं लंदन से छोरी । एक ही रास्ता (1956)18/2 (12) हमको हँसते देख ज़माना जलता है ।हम सब चोर हैं। (1956) 21/2 (13) चले बजाते सीटी, जीवन की राहों में । जमाना(1957) 28/2 आज का गाना : (14) बच के बलम चल कि रास्ता है मुश्किल। जॉनी वॉकर(1957)। गाना : बचके बलम चल कि रास्ता है मुश्किल । फि...